छत्तीसगढ़ हेलमेट नियम सख्त: अब पिलियन राइडर के लिए भी अनिवार्य
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छत्तीसगढ़ में अब चालक के साथ पिलियन राइडर के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, नियम तोड़ने पर तत्काल चालान और सख्त कार्रवाई होगी।
4 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों पर लागू नियम, सिख समुदाय और छोटे बच्चों को छूट, सुरक्षा को प्राथमिकता देने का बड़ा कदम।
वाहन डीलर के लिए भी BIS हेलमेट देना अनिवार्य, सड़क सुरक्षा के साथ जागरूकता अभियान भी चलाएगी सरकार।
Raipur/ राज्य में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए परिवहन विभाग ने हेलमेट नियमों को और सख्त कर दिया है। अब तक यह नियम मुख्य रूप से चालक पर लागू होता था, लेकिन नए आदेश के बाद पिलियन राइडर के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान सिर में चोट लगने से होने वाली मौतों के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि गंभीर चोटों और मृत्यु दर को कम किया जा सके।
अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर द्वारा जारी निर्देश में सभी आरटीओ, अतिरिक्त आरटीओ और जिला परिवहन अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर बाइक चलाते समय या पीछे बैठते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा।
नियमों के उल्लंघन पर तत्काल चालान की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, 4 साल से कम उम्र के बच्चों और सिख समुदाय के पगड़ीधारी व्यक्तियों को इस नियम से छूट दी गई है।
सरकार ने इस बार नियमों को सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रखा है। केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के तहत अब दोपहिया वाहन बेचते समय डीलर के लिए BIS मानक वाला हेलमेट देना अनिवार्य होगा। यदि डीलर बिना हेलमेट दिए वाहन की डिलीवरी करता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हेलमेट नियमों के कमजोर पालन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। रायपुर सहित कई शहरों में सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद सरकार ने यह कड़ा फैसला लिया।
परिवहन विभाग ने यह भी साफ किया है कि यह अभियान केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को जागरूक करने के लिए भी व्यापक अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर हेलमेट के महत्व को बताया जाएगा।
सरकार का यह कदम सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। इससे उम्मीद है कि दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों में कमी आएगी।